वास्तु: कैसा हो घर का गेस्ट रूम, जानें सही दिशा

वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से घर के हर कक्ष यानी कमरे का विशेष महत्व होता है। घर के जिस कमरे में अतिथि यानी मेहमानों को बैठाया जाता है।

उसे ड्राइंग रूम या गेस्ट रूम कहते हैं।गेस्ट रूम की दशा और दिशा का व्यक्ति के विचारों पर प्रभाव पड़ता है।

ऐसे आज हम जानेंगे कि वास्तु के अनुसार घर का गेस्ट रूम कैसा होना चाहिए?

दिशायदि घर पूर्व या उत्तरमुखी है तो ड्राइंग या गेस्ट रूम को पूर्वोत्तर दिशा अर्थात ईशान कोण में होना चाहिए।दि

यदि मकान दक्षिणमुखी है तो गेस्ट रूम दक्षिण-पूर्व दिशा अर्थात आग्नेय कोण में होना चाहिए।

खिड़कियां पूर्व या उत्तर दिशा में होना लाभकारी है। घर की उत्तर दिशा में गेस्ट रूम बनाना शुभ माना जाता है।

रंगों का सही चुनाव गेस्ट रूम की दीवारों का रंग हल्का, शांत व सौम्य होना चाहिए।

ध्यान रखें कि अगर कमरे की छत में सफेद रंग ही कराएं। रूम में खिड़की और दरवाजे के पर्दे दीवारों के रंग से मिलते-जुलते रंगों में ही प्रयोग करें।

चित्र या पेंटिंग का चयन गेस्ट रूम में परिवार का चित्र दक्षिण दिशा की ओर लगाने से घर में खुशियां बढ़ती हैं।