भारत में आदिवासी कैसे खेलते हैं होली?

25 मार्च को होली का पर्व है. पूरे देश में रंगों के इस त्यौहार को लेकर उत्साह है. इस पर्व को अलग-अलग जगहों पर विभिन्न रीति-रिवाज के साथ मनाया जाता है.

इन्हीं में एक आदिवासियों की भी होली है. यह अपने पूवर्जों की बताई अनूठी परंपरा से होली खेलते हैं.

राजस्थान के बांसवाड़ा, बाड़मेर, बारां सहित कई स्थानों पर आदिवासी होली के त्योहार को कुछ अलग अंदाज में मनाते हैं.

यहां आदिवासी पत्थरमार होली खेलते हैं. इस दिन आदिवासी लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं.

होली खेलने वाले हुरियारे ढोल और चंग की धुनों पर एक-दूसरे को पत्थर मारते हैं.

ढोल और चंग की आवाज तेज होने पर यह तेजी से पत्थर बरसाते हैं जिससे वह घायल भी हो जाते हैं.

पत्थरों से बचने के लिए आदिवासी लोग ढाल और सिर पर पगड़ी का इस्तेमाल करते हैं.