पितृ आपसे प्रसन्न हैं या नहीं? इन संकेतों से पहचानें

पितरों का स्थान  सनातन संस्कृति में पितरों का स्थान बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। कुंडली में पितृ दोष का होना भी बहुत घातक होता है।

पितरों की पूजा करना  गरुड़ पुराण के अनुसार पितरों की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है, साथ ही उनका आशीर्वाद भी मिलता है।

पितरों को प्रसन्न करना  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों के प्रसन्न रहने से व्यक्ति को जीवन में सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। जिसके कुछ संकेत मिलते हैं।

मिलते हैं ये संकेत  ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि पितरों के प्रसन्न रहने पर हमें किस प्रकार के संकेत प्राप्त होते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

रुका हुआ धन मिलना  यदि आपको अचानक धन की प्राप्ति हो, धन लाभ हो, धन में वृद्धि हो या रुका हुआ धन कहीं से अचानक मिल जाए. तो यह पितरों के प्रसन्न होने का संकेत होता है।

पेड़-पौधे अच्छे से बढ़ना  इसके अलावा यदि आपके घर के पेड़-पौधे अच्छे से बढ़ रहे हैं और खूब फल-फूल रहे हैं। तो यह भी पितरों के प्रसन्न होने का सूचक है।

कौवे की आवाज सुनना  यदि आपको आपके घर की छत पर कौवे की आवाज सुनाई देती है, और वह कौआ आपके हाथों से कुछ खा ले, तो यह संकेत है कि आपके पितृ आपसे प्रसन्न हैं।

रोटी का टुकड़ा लाना  इसके अलावा यदि कोई कौवा अपनी चोंच में रोटी का टुकड़ा या कोई अन्य खाने की चीज दबाकर घर की छत या बालकनी में आ जाए, तो यह भी संकेत होता है कि पितृ आपसे प्रसन्न हैं।